जीएसटी पर झामुमो ने केंद्र सरकार पर किया हमला,कहा- अब तो लोगों को सांस लेने के लिए भी टैक्स देना पड़ेगा
रांची : केंद्र सरकार ने डिब्बा या पैक्ड और लेबल वाला आटा, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज तथा मुरमुरे पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला लागू हो गया है जिसके कारण खाने-पीने सहित कई चीजें महंगी हो गई है. इस फैसले के चलते मोदी सरकार की जबरदस्त खिंचाई हो रही है. वहीं झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अब तो लोगों को सांस लेने पर भी टैक्स देना होगा. माध्यम वर्गों को जीते जी मारने की योजना केंद्र सरकार कर रही है.
बच्चों के पेन और पेन्सिल पर भी 18 प्रतिशत टैक्स देना होगा. लेकिन बड़े-बड़े ब्रांड पर मात्र ढेढ़ प्रतिशत टैक्स निर्धारित किया गया है. यहां तक की छात्रों को छात्रावास के लिए भी टैक्स देना पड़ेगा.
केंद्र सरकार माध्यम वर्ग को टारगेट कर रही है. 25 किलो में पांच प्रतिशत और 50 किलो में टैक्स नहीं,यह कैसा नियम है. बड़े लोगों को टैक्स फ्री और माध्यम वर्गों को टैक्स देना होगा है.
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा लागू वन नेशन वन टैक्स आम जनता को राहत नहीं परेशान करने वाला है.
लोग बर्बादी के कगार पर खड़े हो गए हैं. लोगों को जाति और मजहब के नाम पर बांटा जा रहा है. झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ऐसे नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतर कर आन्दोलन करेगा.

