झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की हुई बैठक,कई मुद्दों पर चर्चा
रांची : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की समीक्षा बैठक विधानसभा सभागार में हुई. सरकार के द्वारा झरखंड आंदोलनकारियों के प्रति किए गए कार्यों पर भी चर्चा हुई. साथ ही बजट सत्र के दौरान विधानसभा में आंदोलनकारियों के हितार्थ सहयोग व अवसर देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो तथा आंदोलनकारियों की बातों को उठाने वाले विधायक मथुरा प्रसाद महतो, विनोद कुमार सिंह, सुदेश कुमार महतो, लोबिन हेंब्रोम, बंधु तिर्की, डॉ लबोदर महतो, दीपक बिरवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया. जबकि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की भूमिका की निंदा की गई.
इस मौके पर संघर्ष मोर्चा द्वारा निर्णय लिया गया कि झारखंड अलग राज्य के मूल्यों व झारखंड आंदोलन का रियों के सपनों को चकनाचूर नहीं होने देंगे.
बतौर मुख्य अतिथि जेएमएम के सचेतक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के प्रति गंभीर है अपने एजेंडे पर चलते हुए सरकार आंदोलनकारियों के हित में काम करगी.सरकार से आंदोलनकारियों को निराशा नहीं होगी. सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे. जिला स्तर पर आंदोलनकारी जाए,सभी गोलबंद हो, अपने आप को मजबूत करें.
बैठक की अध्यक्षता झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष राजू महतो ने की. उन्होंने कहा कि एक और संघर्ष के लिए तैयार रहे.
केंद्रीय प्रवक्ता पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के अस्तित्व व झारखंड के अस्मिता की रक्षा के लिए सदा संघर्ष करते रहना है.
आंदोलनकारी विदेशी महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग के प्रतिफल ही झारखंड अलग राज्य बना है.
आंदोलनकारी व झारखंड राज्य खाद्य आयोग के सदस्य हलधर महतो ने कहा कि हम अपनी पहचान को मिटाने नहीं देंगे.
आंदोलनकारी जहां आरा बेगम ने कहा कि अपने जुनून के साथ संघर्ष करना है.
आंदोलनकारी लखन महतो ने कहा कि लंबे संघर्ष व शहादत के बल पर झारखंड बनाए है. लेकिन, राज्य बनाने वाले हाशिए पर है.
आंदोलनकारी राजदेव मत्था ने कहा कि आंदोलनकारी एक लड़ाई राज्य निर्माण की लड़ी और अब अपने सम्मान व अधिकार के लिए अब लड़ना है.
आंदोलनकारी विदेशी महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग के प्रतिफल ही झारखंड अलग राज्य बना है.
आंदोलनकारी व झारखंड राज्य खाद्य आयोग के सदस्य हलधर महतो ने कहा कि हम अपनी पहचान को मिटाने नहीं देंगे.
सचिव किशोर किस्कू ने कहा कि संगठन को गतिमान रखते हुए अपनी पहचान की लड़ाई लड़नी है.
आंदोलनकारी जहां आरा बेगम ने कहा कि अपने जुनून के साथ संघर्ष करना है.
आंदोलनकारी लखन महतो ने कहा कि लंबे संघर्ष व शहादत के बल पर झारखंड बनाए है. लेकिन, राज्य बनाने वाले हाशिए पर है.
आंदोलनकारी राजदेव मत्था ने कहा कि आंदोलनकारी एक लड़ाई राज्य निर्माण की लड़ी और अब अपने सम्मान व अधिकार के लिए अब लड़ना है,.
संचालन केंद्रीय सचिव व आंदोलनकारी कयुम खान ने की.
मौके पर सर्जन हांसदा, हबुलाल गोराई,इसरार अहमद, अनिल उरांव, सरोजनी कच्छप, विनीता खलखो, विशेषण भगत, मग्लेश्वर उरांव, निर्मल डुंगडुंग, गोपाल महतो, माझो महतो, जनार्दन मल्लिक, एरेन कच्छप, संतोष कुमार सिंह, राजेश प्रसाद, दोंदे प्रधान, रूपलाल महतो, तिलू महतो, सहदेव महतो, ठाकुर प्रसाद महतो, कृष्णा महतो, अर्जुन साहू, रेशमी देवी, भगीरथ महतो, गंगाधर महतो, मुकेश ठाकुर, फुलमनिया मंजन, मुनिया मंजन, तिलेश्वर महतो सहित अन्य प्रमुख थे.

