दिलचस्प होगा बोचहां विधानसभा उपचुनाव,सभी दलों का प्रतिष्ठा दांव में
पटनाः बोचहां विधानसभा उपचुनाव कई मायनों में दिलचस्प होगा। इसमें सगभग सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस सीट को भाजपा, राजद और वीआइपी ने अपने लिए प्रतिष्ठा की सीट माना है। जिस वजह से तमाम पार्टियां यहां लगातार प्रचार प्रारंभ होने से लेकर अब तक जोर लगा रही थी। पिछले चुनाव की बात करें तो 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में वीआइपी के उम्मीदवार मुसाफिर पासवान ने यहां से जीत दर्ज कराई थी। उनके निधन के बाद यहां उप चुनाव कराया जा रहा है। मुसाफिर पासवान ने राजद उम्मीदवार रमई राम को 11,268 वोटों से पराजित किया था। उससे पहले बेबी कुमारी यहां की विधायक चुनी गई थीं। लेकिन गठबंधन में वह सीट भाजपा ने वीआइपी को सौंप दी थी। लेकिन मुकेश सहनी से रिश्ते में खटास आने के बाद भाजपा ने यहां से बेबी कुमारी को प्रत्याशी बना दिया। वहीं राजद की ओर से मुसाफिर पासवान के पुत्र अमर पासवान तथा वीआइपी की ओर से डा. गीता चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रही हैं। 12 अप्रैल को मतदान होगा। इस चुनाव मैदान में भाजपा, राजद और कांग्रेस के साथ विकासशील इनसान पार्टी भी अपना भाग्य आजमा रही है। कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस एक सीट को लेकर बिहार की सियासत में भूचाल की स्थिति बनी हुई है। उप चुनाव के लिए 350 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर तकरीबन 15 सौ चुनाव कर्मी लगाए गए हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा की व्यवस्था तगड़ी है। 10 प्रतिशत रिजर्व के साथ साढ़े तीन सौ से अधिक पीठासीन पदाधिकारी और 50 माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए गए हैं।

