04 जनवरी बुधवार का राशिफल एवम पंचांग

मेष: आज खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं । अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिलने की उम्मीद है और आपको धन लाभ हो सकता है। मातापिता के साथ समय बिताने का समय मिलेगा। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें , नहीं तो यह घर की शांति पर असर डाल सकता है। कामकाज में थोड़ी मुश्किल के बाद आपको दिन में कुछ अच्छा देखने को मिल सकता है। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है।
वृष: आज का दिन ख़ुशियों से भरा रहेगा, क्योंकि आपका जीवन-साथी आपको ख़ुशी देने का हर प्रयास करेगा। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे। अगर आप अपने काम पर ध्यान दें तो क़ामयाबी और प्रतिष्ठा आपकी होगी। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा।
मिथुन:आर्थिक दृष्टि से आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। आपकी सबसे बड़ी पूंजी आपकी हँसने-हँसाने की शैली है, अपनी बीमारी को ठीक करने के लिए इसका उपयोग करके देखें। आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। ऐसा कोई जिसके साथ आप रहते हैं, आज आपके किसी काम की वजह से बहुत झुंझलाहट महसूस करेगा। कारोबारी जितना हो अपने कारोबार से जुड़ी बातों को किसी से शेयर न करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। आज आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे और आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे।
कर्क:आज मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। जीवन की गाड़ी को अच्छे से चलाना चाहते हैं तो आज आपको पैसे की आवाजाही पर विशेष ध्यान देना होगा। आज आपको दूसरों की ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। हालाँकि बच्चों को ज़्यादा छूट देना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। उदास न हों, कभी-कभी विफल होना कोई ख़राब बात नहीं है। वह तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है। प्रतिस्पर्धा के चलते काम-काज की अधिकता थकावट भरी हो सकती है।
सिंह: आज व्यस्त दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। आपकी ज्ञान की प्यास आपको नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। जो काम आपने किया है, उसका श्रेय किसी और को न ले जाने दें। आप उन लोगों की तरफ़ वादे का हाथ बढ़ाएंगे, जो आपसे मदद की गुहार करेंगे। आपका जीवनसाथी अन्य दिनों की अपेक्षा आपका ज़्यादा ख़्याल रखेगा।
कन्या: आज सेहत बढ़िया रहेगी। अगर आप लम्बे वक़्त के लिए निवेश करें, तो अच्छा-ख़ासा फ़ायदा हासिल कर सकते हैं। बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान लगाने और भविष्य के लिए योजना बनाने की ज़रूरत है। आज आप कोई दिल टूटने से बचा सकते हैं। व्यावसायिक मीटिंग के दौरान भावुक और बड़बोले न हों- अगर आप अपनी ज़बान पर क़ाबू नहीं रखेंगे तो आप आसानी से अपनी प्रतिष्ठा धूमिल कर सकते हैं। बेवजह की उलझनों से दूर होकर आज आप किसी मंदिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थल पर अपना खाली समय बिता सकते हैं।
तुला: आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। विवाहित दंपत्तियों को आज अपनी संतान की शिक्षा पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। आपके परिवार वाले किसी छोटी-सी बात को लेकर राई का पहाड़ बना सकते हैं। बाहरी चीज़ों का अब कोई ख़ास मायने आपके लिए नहीं बचा है, आज आपकी कलात्मक और रचनात्मक क्षमता को काफ़ी सराहना मिलेगी और इसके चलते अचानक लाभ मिलने की संभावना भी है। आपको अपने दायरे से बाहर निकलकर ऐसे लोगों से मिलने-जुलने की ज़रूरत है, जो ऊँची जगहों पर हों।
वृश्चिक: आज कारोबारियों को उन सदस्यों से दूर रहना चाहिए जो आपसे पैसा मांगते हैं और फिर लौटाते नहीं हैं।बाहरी खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। बच्चे ज़्यादा वक़्त साथ बिताने की मांग करेंगे- लेकिन उनका बर्ताव सहयोगी और समझदारी भरा होगा। अपने वरिष्ठों को नज़रअंदाज़ न करें। कर्म-काण्ड/हवन/पूजा-पाठ आदि का आयोजन घर मे होगा। ऐसा लगता है कि आपके जीवनसाथी आज आपके ऊपर ख़ास ध्यान देंगे।
धनु: आज कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है। आपका धन कहां खर्च हो रहा है इसपर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। आपकी ज्ञान की प्यास आपको नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। अचानक मिला कोई सुखद संदेश नींद में आपको मीठे सपने देगा। अगर आप व्यवसाय में किसी नये भागीदार को जोड़ने पर विचार कर रहे हैं, तो यह ज़रूरी होगा कि उससे कोई भी वादा करने से पहले आप सभी तथ्य अच्छी तरह जाँच लें। आज घर में अधिकतर समय आप सो कर गुजार सकते हैं।
मकर:आज सूझ-बूझ से आप अतिरिक्त धन कमाएंगे। दूसरों की इच्छाएँ आपकी अपना ख़याल रखने की इच्छा से टकराएगी- अपने जज़्बात को बांधे नहीं और वे काम करें जिससे आपको सुकून मिले। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। अगर अपने प्रेमी को अपना जीवनसाथी बनाना चाहते हैं तो उनसे आज बात कर सकते हैं। दफ़्तर में जिसके साथ आपकी सबसे कम बनती है, उससे अच्छी बातचीत हो सकती है। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा।
कुंभ: आपका ऊर्जा-स्तर ऊँचा रहेगा। नया आर्थिक क़रार अंतिम रूप लेगा और धन आपकी तरफ़ आएगा। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। आज प्यार की मदहोशी में हक़ीक़त और फ़साना मिलकर एक होते मालूम होंगे। इसे महसूस करें। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। यात्रा के दौरान आप नयी जगहों को जानेंगे और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाक़ात होगी।
मीन: आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। जो लोग अब तक पैसे को बिना वजह ही उड़ा रहे थे आज उन्हें अपने आप पर काबू रखना चाहिए और धन की बचत करनी चाहिए। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। आपका महबूब आज आपको बड़ी ख़ूबसूरती से कुछ ख़ास करके चौंका सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके कामकाज की सराहना होगी। कई कामों को छोड़कर आप आज अपने पसंदीदा कामों को करने का मन बनाएंगे लेकिन काम की अधिकता के कारण आप ऐसा नहीं कर पाएँगे।
🕉️ll ~ वैदिक पंचांग ~ll 🕉️
🌤️ दिनांक – 04 जनवरी 2023
🌤️ दिन – बुधवार
🌤️ विक्रम संवत – 2079
🌤️ शक संवत -1944
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शिशिर ॠतु
🌤️ मास – पौष मास
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – त्रयोदशी रात्रि 12:00 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
🌤️ नक्षत्र – रोहिणी शाम 06:49 तक तत्पश्चात मृगशिरा
🌤️ योग – शुक्ल पूर्णरात्रि तक
🌤️ राहुकाल – दोपहर 12:44 से दोपहर 02:05 तक
🌞 सूर्योदय- 06:18
🌦️ सूर्यास्त – 05:08
👉 दिशाशूल -उत्तर दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत
🔥 विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌷 प्रणव’ (ॐ) की महिमा (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 05 जनवरी 2023 गुरुवार को रात्रि 09:26 से 0214 (06 जनवरी 02:14 AM) तक
🙏🏻 सूतजी ने ऋषियों से कहा : “महर्षियों ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का | प्रणव इससे पार करने के लिए (नव) नाव है | इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं | ॐकार अपना जप करनेवाले साधकों से कहता है – ‘प्र –प्रपंच, न – नहीं है, व: – तुम लोगों के लिए |’ अत: इस भाव को लेकर भी ज्ञानी पुरुष ‘ॐ’ को ‘प्रणव’ नाम से जानते हैं | इसका दूसरा भाव है : ‘प्र – प्रकर्षेण, न – नयेत, व: -युष्मान मोक्षम इति वा प्रणव: | अर्थात यह तुम सब उपासकों को बलपूर्वक मोक्ष तक पहुँचा देगा|’ इस अभिप्राय से भी ऋषि-मुनि इसे ‘प्रणव’ कहते हैं | अपना जप करनेवाले योगियों के तथा अपने मंत्र की पूजा करनेवाले उपासको के समस्त कर्मो का नाश करके यह उन्हें दिव्य नूतन ज्ञान देता है, इसलिए भी इसका नाम प्रणव – प्र (कर्मक्षयपूर्वक) नव (नूतन ज्ञान देनेवाला) है |
🙏🏻 इस मायारहित महेश्वर को ही नव अर्थात नूतन कहते हैं | वे परमात्मा प्रधान रूप से नव अर्थात शुद्धस्वरुप है, इसलिए ‘प्रणव’ कहलाते हैं | प्रणव साधक को नव अर्थात नवीन (शिवस्वरूप) कर देता है, इसलिए भी विद्वान पुरुष इसे प्रणव के नाम से जानते हैं अथवा प्र – प्रमुख रूप से नव – दिव्य परमात्म – ज्ञान प्रकट करता है, इसलिए यह प्रणव है |

🙏🏻 यध्यपि जीवन्मुक्त के लिए किसी साधन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सिद्धरुप है, तथापि दूसरों की दृष्टि में जब तक उसका शरीर रहता है, टीवी तक उसके द्वारा प्रणव – जप की सहज साधना स्वत: होती रहती है | वह अपनी देह का विलय होने तक सूक्ष्म प्रणव मंत्र का जप और उसके अर्थभूत परमात्म-तत्त्व का अनुसंधान करता रहता है | जो अर्थ का अनुसंधान न करके केवल मंत्र का जप करता है, उसे निश्चय ही योग की प्राप्ति होती है | जिसने इस मंत्र का ३६ करोड़ जप कर लिया हो, उसे अवश्य ही योग प्राप्त हो जाता है | ‘अ’ शिव है, ‘उ’ शक्ति है और ‘मकार’ इन दोनों की एकता यह त्रितत्त्वरूप है, ऐसा समझकर ‘ह्रस्व प्रणव’ का जप करना चाहिए | जो अपने समस्त पापों का क्षय करना चाहते हैं, उनके लिए इस ह्रस्व प्रणव का जप अत्यंत आवश्यक है |
🙏🏻 वेद के आदि में और दोनों संध्याओं की उपासना के समय भी ॐकार का उच्चारण करना चाहिए | भगवान शिव ने भगवान ब्रम्हाजी और भगवान विष्णु से कहा : “मैंने पूर्वकाल में अपने स्वरूपभूत मंत्र का उपदेश किया है, जो ॐकार के रूप में प्रसिद्ध है | वह महामंगलकारी मंत्र है | सबसे पहले मेरे मुख से ॐकार ( ॐ ) प्रकट हुआ, जो मेरे स्वरूप का बोध करानेवाला है | ॐकार वाचक है और मैं वाच्य हूँ | यह मंत्र मेरा स्वरुप ही है | प्रतिदिन ॐकार का निरंतर स्मरण करने से मेरा ही सदा स्मरण होता है |
🙏🏻 मुनीश्वरो ! प्रतिदिन दस हजार प्रणवमंत्र का जप करें अथवा दोनों संध्याओं के समय एक-एक हजार प्रणव का जप किया करें | यह क्रम भी शिवप्रद की प्राप्ति करानेवाला है |
🙏🏻 ‘ॐ’ इस मंत्र का प्रतिदिन मात्र एक हजार जप करने पर सम्पूर्ण मनोरथों की सिद्धि होती है |
🙏🏻 प्रणव के ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ इन तीनों अक्षरों से जीव और ब्रम्ह की एकता का प्रतिपादन होता है – इस बात को जानकर प्रणव ( ॐ ) का जप करना चाहिए | जपकाल में यह भावना करनी चाहिए कि ‘हम तीनों लोकों की सृष्टि करनेवाले ब्रम्हा, पालन करनेवाले विष्णु तथा संहार करनेवाले रुद्र जो स्वयंप्रकाश चिन्मय हैं, उनकी उपसना करते हैं | यह ब्रम्हस्वरूप ॐकार हमारी कर्मन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों की वृत्तियों को, मन की वृत्तियों को तथा बुद्धि की वृत्तियों को सदा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले धर्म एवं ज्ञान की ओर प्रेरित करें | प्रणव के इस अर्थ का बुद्धि के द्वारा चिंतन करता हुआ जो इसका जप करता है, वह निश्चय ही ब्रम्ह को प्राप्त कर लेता है | अथवा अर्थानुसंधान के बिना भी प्रणव का नित्य जप करना चाहिए | 🙏🏻 (‘शिव पुराण’ अंतर्गत विद्धेश्वर संहिता से संकलित)
👉🏻 भिन्न-भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा
➡ *आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 05 जनवरी रात्रि 09:26 से 02:14 (06 जनवरी 02:14 AM) तक प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *