गणादेश खासः आसान नहीं है गैर सेवा से आईएएस में प्रमोशन पाना , तीन लेयर पर जांचा जाता है परफॉरमेंस, इस साल दो पदों पर दी जानी है प्रोन्नति
रांचीः गैर सेवा के अफसरों के लिए आइएएस संवर्ग में प्रोन्नति पाना आसाना नहीं होता है। इसके लिए उनका परफॉरमेंस को आधार माना जाता है। वह भी तीन लेयर में अफसरों के परफॉरमेंस की जांच की जाती है। इस साल दो पदों पर गैर सेवा के अफसरों को प्रोन्नति दी जानी है। कार्मिक विभाग को विभिन्न विभागों से अब तक 15 अफसरों के नाम मिले हैं। अब चीफ सेक्रेट्री की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति यूपीएससी को नाम भेजने के लिए अफसरों का चयन करेगी। गैर सेवा से 2022 में प्रोन्नति के लिए दो पद रिक्त हैं । नियमतः गैर सेवा में से आईएएस में प्रमोशन के लिये एक पद के विरूद्ध पांच गुणा नाम भेजा जाता है.
कठिन डगर है प्रोन्नति की
गैर सेवा आईएएस संवर्ग में प्रोन्नति की डगर कठिन है. तीन लेयर पर अफसरों का परफॉरमेंस आंका जाता है. पहले लेयर में अफसरों के परफॉरमेंस के आधार पर विभाग के एचओडी (अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव) सरकार को अफसरों के नामों की अनुशंसा करते हैं. दूसरे लेयर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी इसकी जांच करती है. कमेटी में मुख्य सचिव के अलावा विकास आयुक्त, कार्मिक सचिव और एक वरीय आईएएस अफसर भी शामिल रहते हैं. तीसरे लेयर में कमेटी चयन किये गये नामों को यूपीएससी के पास भेजती है. इस तरह तीन चरणों में स्क्रीनिंग की जाती है. विभाग और राज्य सरकार के स्तर से परफॉरमेंस आकंने के बाद अंतिम पड़ाव यूपीएससी होता है. यूपीएससी अफसरों का इंटरव्यू लेती है. इंटरव्यू में अफसरों को परफॉरमेंस का लाभ मिलता है. गैर सेवा से आईएएस में प्रमोशन के लिये अफसरों का राजपत्रित होना जरूरी है. सेवा संपुष्ट होनी चाहिये. अफसरों पर आरोप नहीं होना चाहिये. हर साल की गोपनीय चारित्री होनी चाहिये.
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