खाद्य आयोग ने चतरा का किया दौरा
चतरा: ऐसा आज पहली बार हुआ कि गरीब बिरहोर परिवार की झोपड़ी में झारखंड राज्य खाद्य आयोग पहुंचा। सिर्फ पहुंचा ही नहीं, आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी और सदस्य ने सीधे सीधे देखा कि गरीब बिरहोर परिवार को कितना राशन मिलता है! चतरा में बहुत पहले खाद्यान्न घोटाला हो चुका है और यहां माफिया इतने ताकतवर थे कि वो किसी भी अधिकारी का तबादला कराने की हैसियत रखते थे। ऐसे में सीधे सीधे आयोग के अध्यक्ष किसी लाभुक की झोपड़ी में जाकर पूछताछ करने लगें। यह जिले के लोगों के लिए आश्चर्यजनक पल था। इससे हेमन्त सरकार का जय-जयकार हुआ। आज खाद्य आयोग ने चतरा में कई स्थानों का दौरा किया। आयोग के अध्यक्ष और सदस्य द्वारा चतरा जिला अन्तर्गत आरा पंचायत के राजकीयकृत मध्य विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कई बातें सबकी संज्ञान में रखी।
आज ही आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने चतरा जिला अन्तर्गत उंटा के राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
गुरुवार को आयोग द्वारा चतरा जिला अन्तर्गत मारवाड़ी मोहल्ला के राशन डीलर, भोला प्रसाद, अनुज्ञप्ति संख्या 16/97 के दुकान का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। आयोग की टीम ने सारे रजिस्टर की जांच कर यह देखना चाहा कि लाभुकों को नियमित खाद्यान्न मिल रहा है कि नहीं।
चतरा जिले के बिरहोर आदिम जनजाति को मिलने वाली डाकुआ योजना की हकीकत जानने उनके आवास जा कर अध्यक्ष श्री चौधरी ने खुद बातचीत की। सबसे पूछा कि कितना अनाज मिलता है!कब कब मिलता है! क्या क्या दिक्कत हो रही है!

