मुश्किल में पूर्व की रघुवर सरकार के पांच मंत्री,राज्य सरकार ने करप्शन के मामले में पीई दर्ज करने की दी स्वीकृति
रांची: पूर्व की रघुवर सरकार में पांच मंत्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। सीएम हेमंत सोरेन ने मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पांचों पूर्व मंत्रियों की संपत्तियों का जांच का आदेश दिया है। साथ ही पाई दर्ज करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रियों में अमर कुमार बाउरी, रणधीर कुमार सिंह, डॉ० नीरा यादव, लुईस मरांडी एवं नीलकंठ सिंह मुण्डा है। इससे पहले साल 2022 में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रिमंडल सचिवालय और निगरानी विभाग को करप्शन के मामले में पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार में शामिल रहे 5 पूर्व मंत्रियों के खिलाफ पी.ई (प्राथमिक जांच) दर्ज करने का आदेश दिया था। जिन पूर्व मंत्रियों के खिलाफ पी.ई. दर्ज करने का निर्देश दिया गया था, उनमें अमर कुमार बाउरी, रणधीर कुमार सिंह, डॉ0 नीरा यादव, लुईस मरांडी और नीलकंठ सिंह मुंडा शामिल थे। इनमें से लुईस मरांडी को छोड़ कर चार अन्य नेता वर्ष 2019 के चुनाव में भी जीत हासिल कर फिर से विधानसभा पहुंचे हैं।
इससे पहले साल 2020 में पंकज कुमार यादव नाम के व्यक्ति ने झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के पांच मंत्रियों की संपत्ति की जांच की मांग की थी। हेमंत सरकार ने कहा कि उसी जनहित याचिका को ही आधार बनाकर पूर्व सरकार के पांच मंत्रियों की संपत्ति की जांच का आदेश मुख्यमंत्री ने एसीबी को दिया है।

