अवैध पत्थर खनन, परिवहन से 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी, ईडी को मिले हैं अहम सबूत
रांचीः झारखंड कैडर की निलंबित आइएएस पूजा सिंघल प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। इस प्रकरण में कई हाईप्रोफाइल लपेटे में आ गए हैं। ईडी के हाथ बॉटम से टॉप लेवल तक पहुंच ही गया है। ईडी को साहेबगंज में परिवहन और अवैध पत्थर खनन से लगभग 100 करोड़ से अधिक की हेराफेरी के इनपुट मिले हैं। ईडी को यह भी पता चल गया है कि दाहू यादव ने फेरी जहाज के अवैध तरीके से चंचालन कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। इससे संबंधित दस्तावेज भी ईडी के हाथ लगे हैं। पुख्ता सूत्रों के अनुसार दाहू यादव के पास दस एसयूवी कार है। बिजली घाट के समीप दो भूखंड होने की भी ईडी को जानकारी मिली है। इसके अलावा साहेबगंज में धर्मशाला के समीप चौकबाजार के पास नेहा टिबड़ेवाल का मकान और एसडीओ कोठी के पास स्वीटी पैलेस पर भी दाहू यादव द्वारा कब्जा किए जाने की सूचना ईडी को मिल गई है। ईडी इसके सत्यापन में लगी हुई है। दाहू यादव के सहयोगी बच्चू यादव के बारे में भी ईडी को कई अहम जानकारियां मिली हैं। बच्चू यादव का साहिबगंज के जिरवाबारी में अपना मकान है। इसके अलावा सकरीगली फाटक जमुनी में एक मकान व सकरीगली अंबाडीहा में दूसरी मकान है। बच्चू यादव का बंगाल के आसनसोल में भी दो घर है व तीन प्लाट है। उनके पास फारच्यूनर, होंडा सिटी, स्कार्पियो व सफारी जैसी गाड़ियां भी हैं। ईडी को मिले इनपुट के आधार पर सभी का सत्यापन किया जा रहा है। बताते चलें कि मंगलवार को ईडी ने पंकज मिश्र से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। मंगलवार को ईडी ने पंकज मिश्रा को ऑडियो सुनाकर भी पूछताछ की। पिछले साल जून में टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने को लेकर पंकज मिश्रा ने पाकुड़ के ठेकेदार शंभूनंदन प्रसाद को फोन किया था. इस बातचीत में मंत्री आलमगीर आलम की भी आवाज थी. ईडी के अधिकारियों ने मिश्रा को आडियो सुनाकर पूछा कि यह आवाज किसकी है, साथ ही वह क्यों टेंडर को प्रभावित करना चाहते थे.

