रेलवे की सुविधा लेने में दिव्यांगों व सीनियर सिटीजन को हो रही है परेशानी
कृष्णा प्रसाद, मिहिजाम गणादेश रिपोर्टर
आसनसोल मंडल रेल की ओर से रेल यात्रियों को सुविधा की खूब बखान की जाती है। परंतु इसी मंडल रेल के अंतर्गत आने वाले चितरंजन स्टेशन में यात्रियों की सुविधा की बात आए तो वह हैरान करने वाली है। उस पर भी दिव्यांगों एवं सीनियर सिटीजन की बात हो तो या और भी हैरान करने वाली है। सबसे गौर करने वाली बात तो यह है कि चितरंजन स्टेशन पर मंडल रेल की ओर से प्लेटफार्म नंबर एक से लेकर के रेल फाटक तक दिव्यांगों एवं सीनियर सिटीजन के लिए सुविधा सड़क वर्षों पूर्व बनाया गया। इसमें हमेशा ताला लटकता रहता है। स्टेशन प्रशासन की ओर से रेलवे का एक बोर्ड लगा दिया गया है जिसमें एक सूचना बोर्ड भी है। इसमें बताया गया है कि गेट की चाबी स्टेशन मास्टर अथवा गेटमैन के पास है। चितरंजन स्टेशन से ट्रेन पकड़ने आने जाने वाले दिव्यांगों एवं सीनियर सिटीजन को रेलवे की ओर से सुविधा दी गई है । इस सुविधा को लेने में कई असुविधा इन्हें हो रही है। ट्रेन पकड़ने आने जाने वाले दिव्यांगों एवं सीनियर सिटीजन को गेटमैन से चाबी लेने के लिए इन्हें 15 से 20 फीट ऊपर सीढ़ियों से चढ़कर केविन गेटमैन के पास जाना पड़ेगा। उसके बाद गेटमैन को ताले की चाबी वापस भी देनी है। वही स्टेशन मास्टर के पास एक चाबी है। रेल फाटक से स्टेशन मास्टर के कार्यालय की दूरी 300 मीटर है। अब भला कोई निशक्तजन ,दिव्यांगजन एवं सीनियर सिटीजन या उनके परिवार के सदस्यों को ताला खुलवाने के लिए कितनी जद्दोजहद होगी इसकी कल्पना कर सकते हैं।
वही स्टेशन प्रशासन का अपना ही अलग तर्क है। स्टेशन सूत्रों का कहना है कि गेट खुलl होने से प्लेटफार्म तक साइकिल, दो पहिया वाहन तथा जानवर ना प्रवेश करें इस कारण गेट पर ताला लगाया गया है।

