भगवत गीता पाठ में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु
बांका,खड़हरा:स्थानीय उपेंद्र मिश्रा और प्रतिमा मिश्रा के आवासीय परिसर में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को बाबन अवतार की झांकी और भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव मनाया गया।
कथा वाचक दाऊ जी महाराज ने कहा कि जो भगवान के दरबार में नाचता है उसे संसार में नहीं नाचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से जन्मों जन्मों का पाप नष्ट होता है। इसलिए भगवान की कथा को सुनने में आलस्य नहीं करना चाहिए। जो सबकुछ भगवान को अर्पण करता है,भगवान उन्हें सुद समेत वापस कर देते हैं।
कथा वाचक दाऊ जी महराज के इस वाणी से पूरे पंडाल के भक्त झूमने और गाने लगे। वहीं कथा में भगवान के जन्मोत्सव को घंटों मनाया गया। इस दौरान मथुरा से लेकर गोकुल तक की झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान श्री कृष्ण के नन्हे बालक स्वरूप को टोकरी में कर माथे पर लेकर पूरे पंडाल में झांकी को घुमाया गया। हजारों भक्तों के द्वारा भगवान का अभिनंदन किया गया। उपेंद्र मिश्रा बासुदेव के किरदार में थे और भगवान के नन्हे स्वरूप को सिर पर लेकर नाच रहे थे। उस दृश्य ने गोकुल की याद भक्तों को दिलाया। पूरा पंडाल भगवान कृष्णकी भक्ति में डूब गया था। महिलाएं भगवान की भक्ति में नाचने और गाने लगी।
आयोजक सत्येंद्र मिश्रा ने बताया कि इस तरह का आयोजन बिडले ही देखने को मिलता है। कथा के पांचवें दिन बुधवार को भगवान के बाल लीला का वर्णन होगा। महिला श्रद्धालु लक्ष्मी देवी,बेला देवी,प्रतिमा देवी,कोकिला देवी,सीतल कुमारी ने भव्यता के साथ भक्तिमय नृत्य किया। भक्ति विभोर होकर पुरुष श्रद्धालु भी नाचे।


