उपायुक्त ने कर्रा के किसान पाठशाला का भ्रमण किया
खूंटी: जिले में कृषि को बढ़ावा और किसानों को जागरूक करने के लिए उपायुक्त शशिरंजन लगातार कार्य कर रहे हैं। किसान पाठशाला में किसानों को उन्नत कृषि पर हमेशा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिले के किसान ओवकैडो व चीकू जैसे उन्नत खेती कर सकेंगे। वही डीसी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को किसान पाठशाला में एक्सपोजर विजिट कराया जाएगा। सभी कृषि व पशुपालन गतिविधियों को एक ही स्थान पर लाया जा रहा है। किसान उन्नत कृषि गतिविधियों के संबंध में सीखकर लाभान्वित हों और इससे हम उन्नत पंचायत की कल्पना कर सकें।
सरकारी प्रावधानों के अनुसार जिले के किसानों के लिए कृषि के क्षेत्र में बहुउद्देशीय प्रयास हुए हैं। आशा है कि इस दिशा में आमजन सशक्त व्यक्तित्व अपनाएंगे और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होंगे।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कर्रा पार्क राज्य भर में उदाहरण बन रहा है उसी प्रकार हर प्रखंड में किसान पाठशाला के माध्यम से सीधे रूप से किसान लाभान्वित होंगे।
उपायुक्त द्वारा समेकित आजीविका प्रणाली के विकास को लेकर जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में किसानों को जोड़कर उनकी आय वृद्धि का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि महिला किसानों को लखपति किसान बनाने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने समेकित आजीविका कृषि प्रणाली में उन्नत एवं व्याज्ञानिक कृषि की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी।
मिट्टी रहित पौधों को तैयार करने एवं बीज से पौधे निकलने के लिए संतुलित वातावरण प्रदान करने के लिए पॉली नर्सरी हाउस की स्थापना। उन्होंने कहा कि यहां उत्पादन, संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र एक ही स्थान पर विकसित किया जा रहा है।
खेती किसानी के साथ-साथ मछली पालन करके आज ज्यादातर किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। मछली पालन में नई-नई तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया है। इन तकनीकों से कम जगह, कम लागत और कम मेहनत में ही अच्छा मुनाफा मिलेगा। ऐसी तकनीकों में शामिल है मछली पालन की बायोफ्लॉक तकनीक (Biofloc Fish Farming)। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि माहिल में बायो फ्लॉक तकनीक के सिस्टम का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। किसान पाठशाला में बायोफ्लोक – 7 टैंक, 10000 लीटर की क्षमता वाले लगाए गए हैं। उपायुक्त ने बायो फ्लॉक की आवश्यकता के दृष्टिगत संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

