पटना हाईकोर्ट में श्रद्धालु अनुराग हत्या मामलें में जल्द आयेगा निर्णय
- बुधवार से हो रही है रेगुलर सुनवाई , सीआईडी ने समर्पित किया जांच रिपोर्ट
- 15 माह तक जांच की सीआईडी के विशेष टीम ने
- वर्ष 2020 के मुंगेर के चर्चित श्रद्धालु अनुराग हत्या प्रकरण
रंजीत विधार्थी
मुंगेर: पटना हाई कोर्ट के जज राजीव रंजन प्रसाद के न्यायालय में श्रद्धालु अनुराग पोद्दार के हत्या के मामले में बुधवार से रेगुलर सुनवाई हो रही है ।
गौरतलब हो की 06 जुलाई 2022 को सीआईडी के द्धारा समर्पित प्रगति जांच रिपोर्ट पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पारदर्शी जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया था ।
जिसके बाद सीआईडी ने 12 जुलाई को बंद लिफाफा में जांच रिपोर्ट समर्पित किया । लेकिन , 13 जुलाई को व्यस्तता के कारण सुनवाई नहीं हुई । अगली सुनवाई 19 जुलाई को न्यायालय ने प्रगति जांच रिपोर्ट का अवलोकन कर बुधवार से रेगुलर सुनवाई का आदेश दिया था ।
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क्या है मामले-
समय पूर्व व अव्यवस्थित ढंग से मुंगेर के प्रसिद्ध दुर्गा प्रतिमाओं को विसर्जन करने का मुंगेर के तत्कालीन पुलिस कप्तान लिपि सिहं की जिद ने श्रद्धालु अनुराग की जान ले ली ।इसके आलावा कई श्रद्धालु सुरक्षा कर्मी के गोली से गंभीर रूप से जख्मी हुआ था।
लेकिन ,सरकार की लाड़ली एवं आरपीसी सिंह की बेटी एसपी लिपि सिहं ने मुंगेर गोली कांड एवं अनुराग हत्या प्रकरण को दबाने के लिए एड़ी चोटी लगा दी थी एवं मामले हाईप्रोफाइल बन गया ।
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लिपि सिहं वर्तमान में सहरसा एसपी
चुनाव आयोग कि गाज डीएम एवं एसपी लिपि सिहं पर गिरी लेकिन, सुशासन बाबू के वापसी के साथ ही लिपि सिहं को सहरसा का एसपी बना दिया गया ।
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हाईकोर्ट कर रहीं है जांच की निगरानी
अनुराग हत्या मामलें में हाईकोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई एवं जांच सीआईडी को सौंपी गई । हाईकोर्ट के निगरानी में 15 माह से चलने वाली जांच में सीआईडी ने कई बार -बार कोर्ट से समय मांगी और न्यायालय ने नारजगी जाहिर की ।
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सीआईडी का जांच पक्षपात पूर्ण-
इस दौरान सीआईडी के जांच रिपोर्ट पर साक्ष्य नष्ट करने व पक्षपात करने को लेकर मुंगेर के तत्कालीन एसपी मानवजीत सिहं ढिल्लो , थानाध्यक्ष एवं कई पुलिस पदाधिकारियों का हाईकोर्ट के आदेश पर मुंगेर से स्थानांतरण किया गया था ।लेकिन , उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई वहीं,सीआईडी के जांच रिपोर्ट में एसपी लिपि सिहं एवं उनके खास कथित पुलिस कर्मी कृष्ण कुमार के संबंध में कोई खुलासा सीआईडी टीम ने नहीं की ।
बताते चलें कि जदयु के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के पूर्व एसपी लिपि सिहं के पिता आरसीपी सिंह केंद्रीय गृह सचिव भी रह चूके थे ।
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पूर्व में हाईकोर्ट ने प्रगति जांच रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त किया था
पिछले सुनवाई तिथि 06 जूलाई को सीआईडी के द्धारा दी गई प्रगति जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त किया था ।उन्होंने कहा कि सीआईडी के प्रगति जांच रिपोर्ट में अब तक आपत्ति का निपटारा नहीं हुआ ना ही जांच रिपोर्ट पारदर्शी है ।ऐसा प्रतीत होता है कि जांच टीम दबाव में काम कर रही है ।गौरतलब हो की पूर्व में मृतक के पिता अमरनाथ पोद्दार एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने भी सीआईडी पर पक्षपात पूर्ण जांच करनें व गवाहों का परेशान करने का आरोप लगा चूके थे ।
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कहते है अधिवक्ता ओमप्रकाश प्रकाश पोद्दार
अधिवक्ता सह आरटीआई एक्टिविस्ट ओम प्रकाश पोद्दार ने उम्मीद जताएंगी कि इस हाईप्रोफाइल मामलें में माननीय हाईकोर्ट में जल्द ही गुनाहगार बेनकाब एवं दंडित होंगे और मुंगेर के अवाम को न्याय मिलेगी।.
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बार-बार समय मांग रही है सीआइडी टीम
सीआइडी टीम 15 माह से मामलें कि जांच कर बार बार हाईकोर्ट के समय मांग कर निर्धारित अवधि में फाइनल जांच रिपोर्ट नहीं दे रहीं है । बताते चलें कि 24 मार्च को जीतेन्द्र कुमार एडीजी सीआइडी ने जांच के लिए 06 सप्ताह की समय मांगी लेकिन, निर्धारित सुनवाई की तिथि 11 मई तक जांच रिपोर्ट नहीं दी ।18 मई को कोर्ट ने सीआइडी डीएसपी आलोक ( अनुशंधानकर्ता ) को 6 जुलाई तक जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया था । जिस में अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित है ।
इसके पूर्व 9 फरवरी को विनय कुमार तत्कालीन एडीजी सीआइडी ने कुछ दिनों के लिए को कोर्ट से समय मांगी थी । जबकि ,पूर्व में ( 12 सितंबर 2021 ) उन्होंने 22 दिसंबर 2021 तक कोर्ट में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने की बात कही थी ।

