योजनाओं के संबंध में मत्स्य पालकों को जागरूक करने का डीसी ने दिए निर्देश
खूंटी: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023- 24 के लाभुकों का चयन एवं 2024- 25 हेतु कार्य योजना का चयन से संबंधित उपयुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक हुई।
बैठक में उपायुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि प्राप्त आवेदनों की जांच संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी से सात दिनों के अंदर करवा ली जाए।
साथ ही 2024-25 हेतु अधिक आवेदन प्राप्त करने के निमित्त विज्ञापन का प्रकाशन करवाया जाए।
मछली उत्पादन में सुधार के लिए एकीकृत मछली पालन करना और मछली उत्पादन में विविधता लाना महत्वपूर्ण है।
बैठक के दौरान विशेष रूप से आर्नेमेंटल मत्स्य पालन, बायो फ्लॉक, मत्स्य फीड सहित मत्स्य पालन को बढावा देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मछली उत्पादकता, उत्पादन, गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और विपणन की मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण अंतराल को संबोधित करने के लिए पीएमएमएसवाई का संचालन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मूल्य श्रृंखला को मजबूत और आधुनिक बनाना, मत्स्य पालन प्रबंधन ढांचा स्थापित करना, मछली किसानों और मछुआरों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण को सुनिश्चित करते हुए ट्रेसबिलिटी को बढ़ाना है।
बैठक के दौरान लाभुक को मत्स्य फीड उपलब्ध कराने के विषय में जानकारी ली गई। जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वैसे मत्स्य पालक जो मछली पालन का कार्य कर रहे हैं उन्हें फीड की आवश्यकता होने पर वह कार्यालय में आवेदन देकर फीड क्रय करते हैं तो उन्हें अधिकतम 18 रुपए प्रति केजी के दर से अनुदान की राशि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
मौके पर उपायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए कि लोगों को योजनाओं के संबंध में जागरूक करते हुए उन्हें लाभान्वित करें। साथ ही मत्स्य पालकों को उचित प्रशिक्षण उपल्ब्ध कराने के भी आवश्यक निर्देश दिए गए।

