गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, माय-माटी छोड़ब नहीं, लड़ाय छोड़ब नहीं के गीतों पर कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने किया मड़ुआ रोपनी
रांचीः मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने खेतों में मड़ुआ रोपनी का काम किया. उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान खेतों में मड़ुआ रोपनी कर रही युवतियों का हाथ बंटाया. ट्वीट कर आम जनता से उन्होंने कहा कि हमारी खेती-बारी, खेती से जुड़ी आजीविका, कृषि से जुड़ी है. संर्घष ही हम ग्रामीणों गांवों में रहनेवालों की पहचान है. जल, जंगल, जमीन ही हमारी शान है. मड़ुआ रोपने में हमें अपनी परंपरा का आभाष हुआ. ट्वीट में उन्होंने यह भी लिखा है, जो झारखंडियों के मुंह में हमेशा रहती है. गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं,. माय-माटी छोड़ब नहीं, लड़ाय छोड़ब नहीं.

