गंगा के आर-पार हुंकार: भागलपुर में नेताओं का ‘चॉपर युद्ध’, अमित शाह, राहुल और तेजस्वी गरजे
भागलपुर। शुक्रवार को अंग की धरती पर गंगा के आर-पार धूल संग गंगा की लहरें हेलिकॉप्टर के पंखों ने उड़ाईं! आसमान में उड़ते रहे नेता, नीचे उड़ती रहीं जनता की उम्मीदें, और माइक पर गूंजती रहीं चुनावी ‘हुंकारें’। कहीं अमित शाह, कहीं प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी, तो कहीं आरजेडी सुप्रीमो तेजस्वी यादव की आवाज़ गूंजती रही। दिनभर आसमान में ऐसा नज़ारा रहा मानो भागलपुर कोई एयर शो हो – बस फर्क इतना कि यहां उड़नखटोले से उतरकर नेता अपने भाषणों से उड़ान भर रहे थे और मतदाताओं की भीड़ वादों के खेत में भविष्य के ख्वाब बो रही थी।
गंगा के इस पार, भागलपुर सदर में राहुल गांधी उतरे और सीधे मैदान में चौका लगाने के मूड में दिखे। उन्होंने विधायक अजित शर्मा के समर्थन में सभा की। जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह कई साल से ‘वोट चोरी’ कर रहे हैं। पहले हमारे पास ‘वोट चोरी’ के सबूत नहीं थे, लेकिन अब हमारे पास आंकड़ों के साथ सारे सबूत हैं। इसलिए मैं कह रहा हूं- हरियाणा में चोरी की सरकार है। अब मोदी जी के बाद राहुल की भी सभा हो गई, तो भागलपुर की हवा में अब सिर्फ चुनावी डीजे बज रहा है – ‘कौन बनेगा विधायक नंबर वन।’ यहां भाजपा अपनी लगातार दो हारों के बाद इस बार जीत में बदलने के लिए जी-जान से जुटी हुई है। वहीं कहलगांव सीट पर महागठबंधन के चेहरे प्रवीण कुशवाहा (कांग्रेस) और रजनीश आनंद (आरजेडी) से फ्रेंडली फाइट कर रहे हैं। दोनों जेडीयू के शुभानंद मुकेश से टकरा रहे हैं।
गुरुवार को पीएम मोदी भी यहां हुंकार भर चुके हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने पीरपैंती और बिहपुर में भाजपा के नए चेहरे मुरारी पासवान तथा कुमार शैलेन्द्र को आशीर्वाद दिया। मालूम हो कि यहां भाजपा ने अपने सिटिंग विधायक ललन पासवान का टिकट काटकर मुरारी पासवान को मैदान में उतारा है। मतलब – पुराने पासवान को ‘रेस्ट’, और नए को ‘टेस्ट’। यहां मुकाबला पासवान बनाम पासवान है, लेकिन जनता सोच में है कि ‘कौन-सा पासवान अपने पास वोट पास करवाएगा।’ वहीं कुमार शैलेन्द्र भी आर – पार की लड़ाई से जुझ रहे हैं।
गंगा के इस पार सनोखर और उस पार, बिहपुर में तेजस्वी यादव भी गरजे – बोले, ‘हमने नौकरी दी, उन्होंने नोटबंदी दी।’ बिहपुर और कहलगांव सीट पर मुकाबला बड़ा मज़ेदार है – भाजपा के कुमार शैलेन्द्र, वीआईपी की अर्पणा कुमारी, जन सुराज के पवन चौधरी और निर्दलीय अवनीश कुमार सब एक-दूसरे के वोट बैंक में ‘झांक’ रहे हैं। इस चौकड़ी में खतरे की घंटी भी बज रही है, लेकिन अंततः शेर और शेरनी के बीच ही ज़ंग की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं कहलगांव में महागठबंधन के दो चेहरे फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं।
मगर असली मसाला तो तब आया जब खबर मिली कि सांसद अजय मंडल, अर्पणा का प्रचार ‘रात के अंधेरे में’ कर रहे हैं! विधायक शैलेन्द्र इतने भावुक हुए कि सोशल मीडिया पर दिल से लिख दिया – ‘सियासत में अब भरोसा भी वोट की तरह ही टूटने लगा है…’
दूसरे चरण के चुनाव में 11 नवंबर को भागलपुर फिर गर्माने वाला है। पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग देखकर विशेषज्ञों के माथे पर भी पसीना है – ‘किधर जाएगी हवा।’ यह कोई नहीं कह पा रहा। बस इतना तय है कि एनडीए और महागठबंधन – दोनों के दफ्तरों में इस वक्त सबसे ज्यादा चल रहा है ‘कैलकुलेटर और कैफ़ीन’। नतीजा जो भी हो, भागलपुर में इस बार चुनाव नहीं, पूरा तमाशा हो रहा है – जहां मंच पर नेता बोल रहे हैं, और जनता सोच रही है – ‘अबकी बार, कौन हमारा है यार।’



