मशरूम उत्पादन से चतरा की महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर :अशोक सम्राट
चतरा : उद्यान विकास योजनान्तर्गत चतरा जिले में 140 लाभार्थियों को 5 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र चतरा में आयोजित किया गया।
प़शिणार्थियो को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी सह जिला उद्यान पदाधिकारी अशोक सम्राट ने कहा कि घर बैठे मशरूम उत्पादन से चतरा की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगी । उन्होंने कहा कि उद्यान निदेशालय झारखंड सरकार द्वारा संचालित उद्यान विकास योजना के तहत चलाए जाने वाले मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कारगर साबित हो रही है । इसके माध्यम से चतरा जिला की महिलाएं विशेष रुप से अपना जीविकोपार्जन को बढ़ावा दे रहे हैं । उन्होंने यह भी कहा कि ए पी पी एग्रीगेट खूंटी के माध्यम से मशरूम उत्पाद का बाजारीकरण संभव होगा । उन्होंने मासूम उत्पादक लाभ किसानों को शीघ्र ही 30 -,30 बैग मशरूम उत्पादन की सामग्रियां वितरित करने का घोषणा भी किया ।
कृषि विज्ञान केंद्र चतरा के मुख्य वैज्ञानिक और
निदेशक रंजय कुमार सिंह ने कहा कि मशरूम में पाए जाने वाले पोस्टिक और औषधीय तत्व प्रत्येक मानव की जरूरत है जिसके माध्यम से विभिन्न तरह की बीमारियां दूर होगी । एपीपी एग्रीगेट के निदेशक प्रभाकर कुमार ने कहा कि मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम चतरा जिला के लिए आने वाले दिनों में वरदान साबित होगा । उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पाद से आचार बड़ी पापड़ आदि कई सामग्रियों का निर्माण महिलाएं घर बैठे कर सकती हैं और इसके माध्यम से स्वावलंबी बन सकती है। उन्होंने कहा कि हमारा फर्म संपूर्ण झारखंड में महिलाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं का बाजारीकरण कराने में सहयोग प्रदान कर रही है ।
एपीपी एग्रीगेट के राज्य प्रमुख अनमोल कुमार ने कहा कि मशरूम उत्पादन के माध्यम से लाभुक कृषकों को काफी फायदा होगा। इस अवसर पर एपीपी एग्रीगेट की प़शिक्षिका पूनम संगा और गुड्डी देवी ने मशरूम उत्पादन के तरीके और पद्धतियों की विस्तार से जानकारी दी। प़शिणार्थियो ने मशरूम उत्पादन संबंधित कुछ सवाल जवाब किए जो काफी हीतकारी रहा ।

