30 जून से पद यात्रा करेंगे आनंद मोहन, राहुल को सही सलाह दें सलाहकार
दरभंगा : मेरा परिवार समाजवादी व गांधी की विचारधारा को मानने वाला है। मेरे आदर्श जेपी हैं। मैंने राजनीति का ककहरा उन्हीं से सीखा है, जिसमें जात-पात का कोई स्थान नहीं है। हालांकि, आज जो हो रहा है वह चिंतनीय है। धर्म और जात के आधार पर लोगों का ध्रुवीकरण किया जा रहा है। जो कहीं से उचित नहीं है। उक्त बातें पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कही।
विपक्षी एकजुटता पर आनंद मोहन ने कहा कि नीतीश कुमार ने जो आज पहल की है, वह पहले हो जाना चाहिए थी। वैसे भी देर आए दुरूस्त आए। उन्होंने कहा कि 30 जून से हमारी पदयात्रा तीन चरणों में शुरू होगी, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम करूंगा। कहा कि आज के समय में कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाने की जरूरत है।
आनंद मोहन ने कहा कि
राहुल गांधी को अपने सलाहकार को बदल लेना चाहिए अथवा जो सलाहकार हैं, वे उन्हें सही सलाह दें। राहुल गांधी कहते हैं कि मैं नफरत के बाजार में मुहब्बत की दुकान खोल रहा हूं, जबकि सच्चाई यह है कि मोहब्बत की दुकान नहीं खोली जाती, बल्कि माेहब्बत बलिदान मांगती है।
मणिपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण
लहेरियासराय परिसदन में प्रेस वार्ता आयोजित कर उन्होंने कहा कि मणिपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। गृहमंत्री की आज वहां जाने की हिम्मत नहीं हो रही है। वहां के लोग विस्थापित हैं, कई के बच्चे लापता हैं। कहा कि जब-जब विपक्ष कमजोर हुआ है तब-तब सत्ता पक्ष ने तानाशाह का रवैया अपनाया है। इस मौके पर पूर्व सांसद लवली आनंद आदि मौजूद थे।

