भूमि एवं भवन निबंधन पर प्रस्तावित 10% अतिरिक्त अधिभार अनुचित :चैंबर
रांची : फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में आज चेम्बर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित झारखण्ड नगरपालिका भूमि, भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली, 2026 के अंतर्गत संपत्ति के निबंधन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार लगाए जाने के प्रस्ताव पर बैठक में विमर्श किया गया।
सदस्यों ने नगर विकास विभाग के इस ड्राफ्ट प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे राज्य में संपत्ति खरीदने वाले आम नागरिकों, मध्यम वर्गीय परिवारों, प्रथम बार घर खरीदने वालों, व्यापारियों तथा रियल एस्टेट सेक्टर पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे न केवल आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की खरीद-बिक्री प्रभावित होगी बल्कि निर्माण गतिविधियों, रोजगार सृजन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
यह भी कहा गया कि राज्य सरकार एक ओर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को बढ़ावा देने तथा इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार का अतिरिक्त अधिभार राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नगर निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है, किंतु इसका भार केवल संपत्ति खरीदने वाले नागरिकों पर डालना उचित नहीं है। इसके लिए राजस्व बढ़ाने के अन्य वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
बैठक के उपरांत झारखण्ड चैंबर द्वारा विभाग के अवर सचिव अतुल कुमार को अपना मंतव्य प्रेषित किया गया, जिसमें प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार को वर्तमान स्वरूप में लागू नहीं करने तथा इस विषय पर व्यापार, उद्योग, रियल एस्टेट क्षेत्र एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ व्यापक विचार-विमर्श के उपरांत पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार जनहित, उद्योग हित एवं झारखण्ड के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए हमारे इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग, सह सचिव रोहित पोद्दार, सदस्य तेजविंदर सिंह, विकास झाझरिया, राजीव चौधरी, पूनम आनंद उपस्थित थे।


