अखिलेश यादव पहुंचे रांची, दिवंगत शिबू सोरेन को देंगे श्रद्धांजलि
“शिबू सोरेन आदिवासियों के महान नेता थे, उन्होंने जल, जंगल और जमीन के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया” — अखिलेश यादव
रांची: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को विशेष विमान से लखनऊ से रांची पहुंचे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अखिलेश यादव ने कहा, “शिबू सोरेन जी आदिवासियों के सबसे बड़े नेता थे, जिन्होंने अपने संघर्ष और आंदोलन के बल पर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उन्हें विरासत में कुछ भी नहीं मिला था, लेकिन उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए पूरी जिंदगी लड़ाई लड़ी। ऐसे नेता इतिहास में बहुत कम मिलते हैं। आदिवासियों की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने पिता से एक विचारधारा और संघर्ष की विरासत मिली है, और वे विश्वास करते हैं कि हेमंत इस विरासत को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि वे आज नेमरा गांव जाकर दिवंगत नेता के परिजनों से मुलाकात करेंगे और अंतिम विदाई देंगे।
राजनीतिक हमले और एसआईआर पर बयान
एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “एसआईआर को इस देश में लागू नहीं होने देंगे। पूरा विपक्ष इसके खिलाफ है। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। एसआईआर के जरिए भाजपा वोट की चोरी कराती है। पहले वे हकमारी करते थे, अब मारपीट भी कर रहे हैं, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।”
यूपी के फतेहपुर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अंग्रेजों से ली गई विभाजनकारी विचारधारा पर काम करती है और समाज को बांटने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का असली मकसद नफरत फैलाना और लोगों को आपस में लड़ाना है।
नेमरा गांव के लिए रवाना
एयरपोर्ट से अखिलेश यादव सड़क मार्ग से सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा के लिए रवाना हो गए। वहां वे दिवंगत नेता की प्रतिमा और समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और परिजनों से मुलाकात करेंगे।
इस मौके पर उनके साथ झारखंड के मंत्री संजय प्रसाद यादव, सपा प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव, वरिष्ठ नेता राम प्रसाद गोप, कांग्रेस नेता बंधु तिर्की, मनोज मिर्धा समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
झारखंड के राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव की इस यात्रा को विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि यह न केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम है बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।



