28 जुलाई को निजी विद्यालयों के 40 हजार से भी अधिक शिक्षक काला बिल्ला लगाकर करेंगे प्रदर्शन
रांची: राज्य में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 40 हजार से अधिक शिक्षक राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ 28 जुलाई को काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करेंगे।
बृहस्पतिवार को प्रदेश पासवा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पासवा अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा सचिव पूरे राज्य में निजी विद्यालयों को डरा धमका रहे हैं।प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी निजी विद्यालय संचालकों को बुलाकर कठिन शर्तों के मुताबिक मान्यता नहीं होने पर विधालय बन्द करने की धमकी दे रहे हैं।जहां तक मान्यता के लिए आवेदन देने की बात है निजी विद्यालयों ने सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए 2009 के आरटीई कानून के मातहत मान्यता के लिए आवेदन पहले ही दिया जा चुका है लेकिन वर्तमान शिक्षा सचिव बार-बार 2019 के संशोधित कानून के तहत मान्यता नहीं लेने पर विद्यालय बंद करने की धमकी दे रहे हैं। शिक्षा सचिव के तुगलकी फरमान को राज्य के निजी विद्यालय मानने से इनकार करते हैं। पासवा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से इस पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा निजी विद्यालयों की राज्य में आवश्यकता है या नहीं यह बात स्पष्ट हो जानी चाहिए और अगर नहीं है तो अधिसूचना जारी हो जाए कि निजी विद्यालय हमेशा के लिए बन्द किए जाते हैं।
प्रेसवार्ता में उपस्थित महानगर अध्यक्ष डॉ सुषमा केरकेट्टा,प्रदेश सचिव संजय प्रसाद,रांची जिला महासचिव राशीद अंसारी ने कहा कि विभाग के कठिन शर्तों में दो शर्तों का अनुपालन किसी भी स्थिति में निजी विद्यालयों के लिए संभव नहीं है ।उसमे भूमि की बाध्यता पूर्ण रूप से समाप्त होनी चाहिए। कमरे का साइज का कोई मापदंड मूल आरटीई में नहीं किया गया है।

