झारखंड की राजनीति में जितनी मुंह उतनी बातें, पल पल बदल रहा नजारा
रांचीः झारखंड की राजनीति में फिलहाल जितनी मुंह उतनी ही बातें हो रही हैं। सत्ता के गलियारों में कयासों का दौर चल रहा है। नजारा भी पल पल बदल रहा है। सीएम पर एक तरफ खदान लीज का मामला अटका ही हुआ है। वहीं सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्र और उसके करीबियों से ईडी की पूछताछ जारी है। ईडी ने दबिश भी बढ़ा दी है। वहीं दूसरी तरफ झामुमो ने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन कर सहयोगी दल कांग्रेस को चौंका दिया। झामुमो ने कांग्रेस को चौकाने का कारनामा दूसरी बाक किया। पहली बार राज्यसभा चुनाव में महुआ मांझी को प्रत्याशी बनाया। खदान लीज के साथ कांग्रेस को चौकाने के मामले को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन फिर एक नया मोड़ सामने आया। सीएम हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगवानी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सीएम ने अपने भाषण में पीएम को परम आदरणीय कहकर संबोधित किया। इस वक्त जो तस्वीरें सामने आई, तो फिर सत्ता के गलियारों में अगल ही कयास लगाए जाने लगे। फिर नजारा बदला। शनिवार को झामुमो से भाजपा पर कई गंभीर आरोप जड़ दिए। यहां तक कह दिया कि महाराष्ट्र की तरह झारखंड सरकार को भी भाजपा खा जाना चाहती है। ईडी झारखंड में भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा है। झामुमो के कार्यकर्ता, नेता, सांसद सड़क से लेकर संसद, न्यायालय तक लड़ाई लड़ेंगे। झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यशवंत सिन्हा की ओर से केंद्र सरकार और बीजेपी पर लगाये आरोप शत प्रतिशत सही है. हम भी कहते हैं कि केंद्र की सरकार अब लोकतंत्र के लिए खतरा बनती जा रही है. विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है. विपक्ष के मुंह को बंद कराया जा रहा है. लेकिन एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू आदिवासी है और राज्य में सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर राज्य के साथ खड़ी थीं. इसलिये जेएमएम ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट करने का निर्णय लिया है.ऐसे में कौन किधर जा रहा है कहना मुश्किल हो गया है।

